Medieval History: Arab & Turkish Invasions Notes (Hindi) | Ghaznavi to Ghori

Medieval History: Foreign Invasions (Arabs & Turks) Complete Notes in Hindi for SSC & UPSC

मध्यकालीन भारतीय इतिहास

विदेशी आक्रमण: अरब और तुर्क (संपूर्ण नोट्स)

⚔️ खंड 1: भारत पर अरबों का आक्रमण (Arab Invasion)

भारत पर सबसे पहले मुस्लिम आक्रमणकारी अरब (Arabs) थे।

प्रथम सफल आक्रमण (712 ई.):

  • आक्रमणकारी: मोहम्मद बिन कासिम (Mohammad Bin Qasim)।
  • किस पर किया: सिंध के राजा दाहिर (Dahir) पर।
  • परिणाम: 'रावर के युद्ध' में दाहिर की हार हुई और सिंध पर अरबों का कब्जा हो गया।
  • जानकारी का स्रोत: फारसी ग्रंथ 'चचनामा' (लेखक: अली अहमद)।
  • उद्देश्य: धन दौलत लूटना और इस्लाम का प्रचार करना।
📌 अरबों का प्रभाव:
1. भारत में पहली बार 'जजिया कर' (Jizya Tax) मोहम्मद बिन कासिम ने ही लगाया।
2. खजूर की खेती और ऊंट पालन की शुरुआत सिंध में अरबों ने की।
3. इन्होंने भारतीय अंक पद्धति और दशमलव प्रणाली सीखी (जिसे अरबों ने 'हिंदसा' कहा)।
🏰 खंड 2: गजनवी साम्राज्य (The Ghaznavids)

अरबों के बाद भारत पर तुर्कों ने आक्रमण किया।

  • स्थापना: 932 ई. में अलप्तगीन नामक तुर्क सरदार ने गजनी (अफगानिस्तान) में स्वतंत्र राज्य की स्थापना की।
  • सुबुक्तगीन (Subuktigin): यह भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम तुर्क शासक था (986 ई.)। इसने पंजाब के शासक जयपाल को हराया।

महमूद गजनवी (998-1030 ई.):

  • सुबुक्तगीन का पुत्र।
  • इसने बगदाद के खलीफा से 'सुल्तान' की उपाधि धारण की (सुल्तान की उपाधि लेने वाला पहला शासक)।
  • इसे 'मूर्तिभंजक' (Butshikan) या 'बुतशिकन' कहा जाता था क्योंकि इसने मंदिरों और मूर्तियों को तोड़ा।
  • उद्देश्य: केवल धन लूटना, भारत में राज्य करना नहीं।
🔥 खंड 3: महमूद गजनवी के 17 आक्रमण

इतिहासकार हेनरी इलियट के अनुसार, गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किए (1000 ई. से 1027 ई. तक)।

वर्ष (AD) आक्रमण/स्थल विवरण (Details)
1000 ई. सीमावर्ती किले पहला आक्रमण, कुछ किले जीते।
1001 ई. जयपाल (हिन्दूशाही) पेशावर के पास युद्ध। जयपाल की हार और अपमान के कारण आत्महत्या।
1008 ई. आनंदपाल वैहिन्द का युद्ध। मूर्तियों को तोड़ा गया। (संघ में उज्जैन, ग्वालियर, कन्नौज, अजमेर भी शामिल थे)।
1018 ई. कन्नौज और मथुरा प्रतिहार राजा राज्यपाल बिना लड़े भाग गया। मंदिरों को लूटा।
1025 ई. सोमनाथ मंदिर (गुजरात) 16वां (सबसे चर्चित) आक्रमण। शासक: भीम प्रथम। 20 लाख दीनार लूटी।
1027 ई. जाटों के विरुद्ध अंतिम (17वां) आक्रमण। सोमनाथ लूटकर जाते समय जाटों ने उसे परेशान किया था, उसका बदला लेने के लिए।
📚 खंड 4: गजनवी के दरबारी विद्वान
  • 1. अलबरूनी (Al-Biruni): पुस्तक - 'किताब-उल-हिंद' (तहकीक-ए-हिंद)। 11वीं सदी के भारत का दर्पण। पुराणों का अध्ययन करने वाला पहला मुस्लिम।
  • 2. फिरदौसी: पुस्तक - 'शाहनामा'। इसे 'पूर्व का होमर' कहा जाता है।
  • 3. उतबी: पुस्तक - 'किताब-उल-यामिनी'। यह गजनवी का शाही इतिहासकार था।
  • 4. वैहाकी: इसे 'इतिहासकार लेनपूल' ने पूर्वी पेप्स की उपाधि दी।
👑 खंड 5: मोहम्मद गौरी (Muhammad Ghori)

गजनवी के बाद 'गौर वंश' का उदय हुआ। गौरी का उद्देश्य भारत में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना करना था।

  • पूरा नाम: शहाबुद्दीन मुहम्मद गौरी।
  • प्रथम आक्रमण (1175 ई.): मुल्तान पर किया (करमाथी जाति के मुसलमानों के खिलाफ)।
  • भारत में पहली हार (1178 ई.): गौरी ने गुजरात (पाटन) पर आक्रमण किया। चालुक्य शासक भीम द्वितीय (मूलराज II) ने उसे माउंट आबू के पास बुरी तरह हराया। यह भारत में तुर्कों की पहली पराजय थी।
⚔️ खंड 6: प्रमुख निर्णायक युद्ध (Decisive Battles)

गौरी और दिल्ली के शासक पृथ्वीराज चौहान (पृथ्वीराज तृतीय) के बीच ऐतिहासिक युद्ध:

1. तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ई.)

  • पक्ष: पृथ्वीराज चौहान Vs मोहम्मद गौरी।
  • परिणाम: पृथ्वीराज चौहान की विजय। गौरी बुरी तरह घायल होकर भागा।

2. तराइन का द्वितीय युद्ध (1192 ई.)

  • पक्ष: पृथ्वीराज चौहान Vs मोहम्मद गौरी।
  • परिणाम: मोहम्मद गौरी की विजय
  • महत्व: इसी युद्ध के बाद भारत में तुर्की/मुस्लिम साम्राज्य की नींव पड़ी।

3. चंदावर का युद्ध (1194 ई.)

  • पक्ष: मोहम्मद गौरी Vs जयचंद (कन्नौज का राजा)।
  • परिणाम: गौरी की विजय। जयचंद मारा गया।
🚀 खंड 7: छूटे हुए 'ब्रह्मास्त्र' पॉइंट्स (High Yield Facts)

ये वो प्रश्न हैं जो अक्सर बड़ी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं:

1. गजनवी के 'संस्कृत' सिक्के:
महमूद गजनवी ने ऐसे चांदी के सिक्के चलाए थे, जिनके एक तरफ अरबी भाषा में और दूसरी तरफ संस्कृत भाषा (देवनागरी लिपि) में लेख लिखा था।
2. सूफी संत का आगमन:
प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर दरगाह) 1192 ई. में मोहम्मद गौरी की सेना के साथ ही भारत आए थे।
3. प्रथम जौहर (First Jauhar):
राजा दाहिर की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी रानी बाई ने किले की रक्षा की और अंत में 'जौहर' किया। यह भारत में जौहर का पहला ऐतिहासिक प्रमाण माना जाता है।
4. बख्तियार खिलजी का विनाश:
इसने सिर्फ नालंदा ही नहीं, बल्कि विक्रमशिला और ओदंतपुरी विश्वविद्यालयों को भी नष्ट किया था।
📝 अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य (Extra Facts)
  • लक्ष्मी के सिक्के: मोहम्मद गौरी ने ऐसे सिक्के चलाए जिनके एक तरफ 'कलमा' और दूसरी तरफ 'देवी लक्ष्मी' की आकृति बनी थी।
  • प्रमुख सेनापति:
    • कुतुबुद्दीन ऐबक: जिसने बाद में 'गुलाम वंश' (दिल्ली सल्तनत) की स्थापना की।
    • बख्तियार खिलजी: जिसने प्राचीन नालंदा को नष्ट किया।
  • मृत्यु: 1206 ई. में खोखर जाति के विद्रोहियों ने दमक नामक स्थान पर मोहम्मद गौरी की हत्या कर दी।

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